सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

[ q/1 ] इलाज ; नसबंदी का एक अनोखा विकल्प

web - gsirg.com

इलाज ; नसबंदी का एक अनोखा विकल्प


दुनिया का प्रत्येक प्राणी जो इस संसार में आया है , उसने बाल्यावस्था , युवावस्था , प्रौढ़ता और वृद्धावस्था जरूर प्राप्त की है | इनमें से अगर हम बाल्यावस्था को छोड़ दें , तब जीवन की प्रत्येक अवस्था में , प्रत्येक प्राणी कामवासना से ग्रसित अवश्य रहा है | मनुष्य को छोड़कर अन्य प्राणियों का जनन कॉल निर्धारित है , परंतु मानव एक ऐसा प्राणी है , जिसे वर्ष के 12 महीने , 365 दिन , 24 घंटे मे , किसी भी समय कामवासना सता सकती है | इस संसार में मानव का सबसे कठिन कार्य '' कामदेव '' को जीतना है | इस संसार का प्रत्येक पुरुष तथा महिला सभी कामदेव के वशीभूत होकर इस संसार में घोर अनर्थ करने को उतारू हो जाते हैं | ऐसा अनुमान है कि इस दुनिया के 7 0% अपराध केवल इसी से संबंधित है |


कामवासना एक प्रबल व्याधि


विभिन्न प्रकार के अपराधों का जन्म का कारण काम वासना ही है | इस कामवासना से पीड़ित स्त्री और पुरुष इस संसार में विभिन्न प्रकार के अपराधों को करने से नही हिचकते हैं | वर्तमान में जगह-जगह हो रही चोरियां , डकैतियां तथा सरेआम कत्ल आदि जघन्य अपराध किसी न किसी प्रकार से काम भावना के वशीभूत होकर ही किए जाते हैं | यह तो सभी जानते हैं कि अपराध के किए जाने कारणों में अधिकतर जर , जमीन और जोरू ही तीन मुख्य कारण होते हैं , परंतु मेरे विचार से इन में भी कहीं न कहीं कामभावना का प्रस्फुटन अवश्य होता है | अक्सर देखने में आता है कि विधवा स्त्रियां विवाहित स्त्री और बालिकाएं अपने प्रेमियों के साथ पलायन कर जाते हैं | सारांश यह है कि इस संसार में कामवासना एक प्रबल व्याधि है |


नसबंदी की आवश्यकता


यहाँ हम आपको कुछ ऐसे कारण बता रहे हैं , जिनके कारण लोग आगे की संताने नहीं चाहते हैं | या फिर वह नसबन्दी का विचार करने लग जाते है | जब किसी किसी के बहुत ज्यादा संतान हो जाती है , तब उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है , जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं |

अधिक संतान


कुछ लोगों को ईश्वर ने बहुत सी संताने दे रखी हैं , जब लोग जब उनका भलीभांति पालन पोषण नहीं कर पाते हैं , तब उनके मन में नसबंदी का विचार आता है | पर यह '' प्रमुख विचार '' आने से क्या ? लोग अनावश्यक शल्य चिकित्सा से भी बचना चाहते हैं | इसीलिए विचार आने के बावजूद भी शल्य चिकित्सा के डर से वह अपना कदम पीछे कर लेते हैं | उनका संतान न प्राप्ति करने का यह विचार भी , शल्य चिकित्सा के डर से हवा हो जाता है |

देश सेवा से प्रेरित पुरुष


कुछ लोग अपने आपको देश सेवा में लगाना चाहते हैं , इसलिए वह लोग कामवासना से दूर रहना चाहते हैं | देश की निर्बाध सेवा मे कोई अड़चन न हो , इसलिए कुछ लोग अपनेआप इस झंझट से दूर ही रखना चाहते हैं |

अन्य कारण


कुछ स्त्री तथा पुरुष , विधवा या विधुर होने के कारण भी सादा जीवन व्यतीत करना चाहते हैं | वह लोकलाज के भय अथवा उच्च मानवीय भावनाओं से प्रेरित होकर भी अपने को इस कुत्सित कामेच्छा से विरत भी रखना चाहते हैं |
ऐसी कई इच्छाओं की दमन के लिए यहाँ कुछ उपाय बताये जा रहे है | जिनका प्रयोग कर इन समस्याओं से बच सकते हैं |

हिंगूचा बूटी से उपाय


यह एक ऐसी बूटी है , जिसके प्रयोग करने से पुरुषों की कामशक्ति सदा के लिए समाप्त हो जाती है | यह बूटी उड़ीसा प्रांत के कटक जिला मे प्रचुर मात्रा में मिलती है | वहां के निवासी इस बूटी को इसी नाम से जानते हैं | इस बूटी को घर लाकर , उसके छोटे छोटे खंड कर लीजिए | इसके अलावा कागज की एक कीप भी बना लीजिए , जिसका एक सिरा फैला हो , तथा दूसरा सिरा सँकरा हो | अब बूटी के एक खंड को आग के ऊपर डालिए | कुछ समय बाद बूटी के जलने से धुआं पैदा होगा | इस धुएं को कीप के फैले वाले सिरे से गुजरकर , सँकरे वाले भाग से निकलने पर , उस कीप के सँकरे सिरे से निकलते धुयें को नाक से सूंघना शुरू करिए | ऐसा कुछ दिनों तक लगातार करने से पुरुष की काम शक्ति सदा के लिए नष्ट हो जावेगी |

केले से इलाज


काम शक्ति नष्ट करने की चिकित्सा केले द्वारा भी हो सकती है | इसके लिए सर्वप्रथम आपको केले के पौधे का पता लगाना होगा | अब किसी शाम को उस केले के तने में लोहे की चम्मच के आकार की कोई चीज प्रविष्ट करा दीजिए | फिर उसके नीचे कोई बर्तन रख दीजिए | रात भर में चम्मच द्वारा बर्तन मे केले के तने का पानी इकट्ठा होता रहेगा | अब प्रातः काल सुबह उठकर उस पानी को पी लीजिए | इसी प्रकार 3 दिन तक केले के पानी की व्यवस्था करके पीते रहिए | ऐसा करने से कुछ दिनों में पुरुष की काम शक्ति बेकार हो जाती है |

महिलाओं के लिए


पहाड़ी स्थानों पर एक वृक्ष होता है , जिसे फर्राश नाम से जाना जाता है | इसके पत्तों का रस इकट्ठा कीजिए , और अब इसमें गुंजा की दाल का चूर्ण , जिसे आपने पहले से बना रखा है , मिलाकर खूब खरल करें | खरल करते-करते जब लेसदार गाढ़ा मसाला बन जाए , तब गुंजा के परिमाण की गोलियां बना ले | बाद में इन गोलियों को छाया में सुखा लें | जब महिला को माहवारी शुरू हो | तब इससे छुट्टी पाने के 3 दिन बाद , 3 दिनों तक एक एक गोली ताजा पानी से निगलवा दिया करें | यह औषधि इतनी प्रभावशाली है कि , इसके केवल 3 दिन के प्रयोग से ही महिला की प्रजनन शक्ति नष्ट हो जाएगी | औषधि सेवन के दौरान महिला को केवल दूध और चावल खाना चाहिए | इसके अतिरिक्त कुछ भी नहीं खाना चाहिए |


उपरोक्त कुछ ऐसे प्रयोग है , जिनके द्वारा आप अपनी कामवासना को नियंत्रित कर सकते हैं | इससे आपकी परेशानियों का अंत तो हो ही जाएगा | उसके बाद आप अपना स्वतंत्र जीवन बिता सकते हैं |

जय आयुर्वेद


web - gsirg.com

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इलाज ; एसिड अटैक [1/15 ] D

web - gsirg.com इलाज ; एसिड अटैक के क्या कारण आजकल अखबारों में तेजाब से हमले की खबरें पढ़ने को मिल ही जाती हैं। तेजाब से हमला करने वाले व्यक्ति प्रायः मानसिक बीमार या किसी हीनभावना से ग्रस्त होते हैं। ऐसे लोग अपनी हीनभावना को छिपाने तथा उसे बल प्रदान करने के लिए अपने सामने वाले दुश्मन व्यक्ति पर तेजाब से हमला कर देते हैं। कभी-कभी इसका कारण दुश्मनी भी होता है , इसके अलावा कभी-कभी लोग अपनी आत्मरक्षा के लिए भी एसिड अटैक का अवलंबन कर लेते हैं। कारण कुछ भी हो किंतु इसमें पीड़ित को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है। ऐसे हमलों का होना या ऐसी घटनाएं होना हर देश में आम बात हो गई है। इस्लामी देशों में लड़कियों को उनकी किसी त्रुटि के कारण तो ऐसी धमकियां खुलेआम देखने को मिल जाती हैं। \\ शरीर का बचाव \\ यदि के शरीर किसी पर तेजाब से हमला होता है , उस समय शरीर के जिस भाग पर तेजाब पड़ता है , वहां पर एक विशेष प्रकार की जलन होने लगती है | इस हमले में शरीर का प्रभावित भाग बेडौल , खुरदरा और भयानक हो सकता है | इस हमले से पीड़ित व्यक्ति शरीर की त...

धर्म ; प्रगति का एकमात्र उपाय है तपश्चर्या [ 19 ]

Web - 1najar.in प्रगति का एकमात्र उपाय है तपश्चर्या प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के दो ही प्रमुख क्षेत्र हैं | इसमें में प्रथम है , भौतिक क्षेत्र , तथा दूसरा है आध्यात्मिक क्षेत्र | इस भौतिक संसार का प्रत्येक प्राणी इन्हीं दो क्षेत्रों में से ही किसी एक को अपने जीवन में क्रियान्वित करना चाहता है | अपने प्रयास से उसको उस क्षेत्र में सफलता लगभग मिल ही जाती है | दोनों ही क्षेत्रों में सफलता के लिए केवल एक ही नियम काम करता है | उस नियम का नाम है तपश्चर्या | प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अभीष्ट श्रम करना पड़ता है | इसके लिए उसे प्रयत्न , पुरुषार्थ , श्रम और साहस का अवलंबन लेना पड़ता है | सफलता को पाने में यह सभी तत्व महत्वपूर्ण है | फिर भी प्रयत्न का एक अलग ही स्थान है | प्रयत्न परायणता यह तो सर्वविदित है कि व्यक्ति चाहे किसान हो , मजदूर हो , शिल्पी हो , पहलवान हो , कलाकार हो , चपरासी हो या अखबार हो अथवा कुछ भी हो उसको सफलता प्राप्त के सभी पायदानों को अपनाना ही पड़ता है | व्यक्ति के ...

धर्म ; सफलता देने तथा धनवर्षिणी साधनाएं [ भाग - एक ]

web - gsirg.com धर्म ; सफलता देने तथा धनवर्षिणी साधनाएं [ भाग - एक ] मेरे सम्मानित पाठकगणों आज हम सफलता प्रदान करने वाली कुछ साधनाओं के विषय पर चर्चा करेंगे , कि सफलता किसे कहते हैं ? हर व्यक्ति अपने जीवन में सफल होना चाहता है | परंतु सफलता का असली मार्ग क्या है ?वह या तो उसे जानता नहीं है या फिर जानने के बाद भी , उस पर चलना नहीं चाहता है , या चल नही पाता है | इस संबंध में संस्कृत के यह श्लोक उन्हें प्रेरणा दे सकता है | '' कर्मेण्य हि सिध्यंति कार्याणि न मनोरथै; सुप्तस्य एव सिंहस्य प्रविशंति मुखे न मृगाः '' अर्थ - मन में उत्पन्न होने वाली सभी आकांक्षाओं की पूर्ति , कर्म करने से ही होती है | जिस प्रकार एक सोता हुआ सिंह यदि कल्पना करे कि उसके मुंह में कोई मृग प्रवेश कर जाए , तो ऐसा संभव नहीं है | ठीक इसी प्रकार कर्म करने से ही मन में उत्पन्न होने वाली आकांक्षाओं की पूर्ति की जा सकती है , मात्र कल्पना करने से इच्छाओं की पूर्ति नही हो सकती है | यहाँ प्रत्येक मानव को यह जान लेना चाहिए...