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गाय और आयुर्वेद

helpsir.blogspot.in आदरणीय सम्पादक जी
                               सादर प्रणाम। किसी भी आयुर्वेदिक दवा में यदि अनुपान के रूप में दूध का जिक्र है तो निश्चित रूप से समझ लेना चाहिए कि दूध केवल और केवल देशी गाय का दूध ही बताया गया है।देशी गाय भी वह जो चरने जाती है।बाँधकर खिलाने वाली देशी ही गाय के दूध में वह औषधीय गुण नहीं होते हैं जो चरने वाली गाय के दूध में पाये जाते हैं।तरह-तरह की औषधीय गुणों से भरपूर वनस्पति घास के चरने के बाद दूध देने वाली गाय के दूध में भरपूर औषधीय गुण पाए जाते हैं।यदि कोई भस्म बनाने की बात आयुर्वेद में लिखी है तो गाय के गोबर से ही भस्म बनाने का निर्देश दिया गया है।एक कहावत है कि" गाय से गवा को।भैंस से भवा को।"राजाओं के यहाँ चारा-पानी की क्या कमी थी? फिर भी कृष्ण जी गायों को चराने जाते थे और "गोपाल"कहलाए।एक लाख गाएँ नन्द बाबा के यहाँ थी।सवा लाख गाएँ बरसाने की राधा रानी के पिता वृषभानु के यहाँ थीं।अब गोपाल के देश हिन्दुस्तान में गायों की जो दुर्दशा है वह किसी से छिपी नहीं है।बहुत सी आयुर्वेदिक दवाओं में अनुपान के रूप में देशी गाय के दूध का उल्ले…
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शहीदों की विधवाओं को अति विशिष्ट सम्मान मिले

helpsir.blogspot.in आदरणीय सम्पादक जी                                 सादर प्रणाम।           शहीद एक अतिपावन शब्द है।देश की आन-बान-शान के लिए हंसते-हंसते प्राणों की बाजी लगा देने वाले रण-बांकुरे को शहीद का दर्जा प्राप्त होता है।अदम्य साहस,बहादुरी, रण कौशल के प्रवीण योद्धा को शहीद का दर्जा प्राप्त होता है।          शहीद की विधवा और परिवार के साथ सारा देश खड़ा है।हर आँख नम है।युवा उद्वेलित हैं।सारे देश में गम और गुस्से का माहौल है।पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं।स्थिति विस्फोटक है।अमेरिका और इंंग्लैण्ड में शहीद की विधवाओं को स्पेशल बैज दिया जाता है।जिसके कारण जब वह घर के बाहर निकलती हैं तो जो भी रास्ते में मिलता है विशेष आदर की मुद्रा में सिर झुकाकर अभिवादन, सम्मान प्रकट करनें की सम्मानित प्रथा है।बसों,रेलों में सभी लोग सीट छोंड़ कर सम्मान में सीट छोंड़कर खड़े हो जाते हैं। मेरे भारत महान में भी ऐसी ही कोई विशेष अलंकरण या कोई विशेष पहचान चिन्ह प्रदान किया जाना चाहिए।ताकि दूर से पहचान की जा सके कि अमुक महिला शहीद की विधवा है।जिस पर हम गर्व कर सकें।ऐसी गौरवशाली परम्परा सरकार द्वारा शुरू…

जवानों की शहादत से पूरे देश मे आक्रोश

helpsir.blogspot.in आदरणीय सम्पादक जी                                सादर प्रणाम          पाकिस्तान के कायराना, बुजदिलाना पूर्ण हमले से पूरे भारत देश में जबरदस्त शोक और आक्रोश की लहर है।पूरा देश गम-ओ-ताजियत की चादर ओढ़े है।हर तरफ, हर कूचे,हर गली में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं।उड़ी हमलों से यह बड़ा हमला है।अब समय आ गया है पाकिस्तान के आतंकी प्रशिक्षण शिविर, आतंक की फैक्ट्री, सुरक्षित पनाहगाहें एक साथ नष्ट कर दिए जाने चाहिए ताकि भविष्य में बार-बार इस तरह के होने वाले हमलों पर पूर्ण विराम लग सके।पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भाइयों को पाकिस्तान के जुल्म-सितम तथा गुलाम कश्मीर के कलंक से मुक्त कराकर भारत सरकार के माथे पर लगा कलंक जो 1948 से लगातार अवैध कब्जा का काला धब्बा धोने की जरूरत है।जब भारत सरकार तथा हर भारतीयों, विदेशों तक सर्व विदित है कि हमारे कश्मीर के भारतीय बिचारे कितने सालों से गुलाम बनकर पाकिस्तान के जुल्मों-सितम सह रहे हैं।और पशुवत जिन्दगी गुजार रहे हैं।हम हमलावर देशों में नहीं हैं।लेकिन अपनी जमीन, अपने नागरिकों को दासता-गुलामी से मुक्त कराना हमला नहीं है।सर्जिकल स्ट…

आय प्रमाण पत्र मे खेल

gsirg.com आदरणीय सम्पादक जी                                  सादर प्रणाम अभी हाल ही में लेखपाल द्वारा कम आय का प्रमाण पत्र जारी करने सम्बंधित समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया है।लेखपाल रिपोर्ट लगाने में किसी भी मानक का प्रयोग नहीं करते हैं।मनमाने ढंग से प्रधान से पूँछ कर प्रधान और उनके चहेतों को आय प्रमाण पत्र, भूमि पट्टा, प्रधानमंत्री आवास ,शौचालय जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मनमानी रिपोर्ट लगवाकर लाभ प्राप्त करने में अग्रणी रहते हैं।कुछ प्राथमिक शिक्षक नेता सेवानिवृत्त होने के बाद चुनाव लड़कर,सेवानिवृत्त की रकम प्रधानी चुनाव में बांटकर,चुनाव जीतकर प्रधानी उद्योग में लग जाते हैं।और अपनी पुरानी कमाई की आदत से बाज नहीं आते हैं।अपने और अपने चहेतों की व्यक्तिगत रिहाइशगाह तक सरकारी धन से सफेद ईंट का खड़ंजा लगवा लेते हैं।लेखपाल जी कभी गाँवों में आते ही नहीं हैं।गाँवों में मिनी सचिवालय के ताले केवल साल में दो बार खुली बैठक के समय ही खुलते हैं।सेवानिवृत्त शिक्षक पेंशन धारक होने बावजूद पद और रसूख के चलते अपनी आय 24000 हजार वार्षिक बनवाने में सफल हो जाते हैं।सरकारी नियम है कि प्रध…

पाकिस्तान का फिर एक कायराना हमला

आदरणीय सम्पादक जी सादर प्रणाम।हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को अपनी राष्ट्रीय राजनीति में आवश्यक हिस्सा के रूप में अपनाते हैं।आतंकवाद का पोषण,संरक्षण और प्रशिक्षण करने का इतिहास रहा है।कल दि० 14-02-2019 को पाकिस्तान ने फिर जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सी.आर.पी.एफ की बस पर एक भीषण कायराना हमला किया है।हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान पोषित जैश-ए.मोहम्मद ने ली है।इस हमले में 43 जवान शहीद हुए हैं।मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने भारत को पूर्व में भी काफी नुकसान पहुंचाया है।विश्व के लगभग सभी देशों ने इस कायराना हमले की निन्दा की है।शहीदों की शहादत बरबाद नहीं जाएगी।इस कायराना पूर्ण हमले का उचित बदला लिया जाएगा।भारतीय जवान चुप नहीं बैठेंगे अपने बहादुर साथियों की शहादत बेकार नहीं जानें देंगे।बदला अवश्य लिया जाएगा।इस कायरता पूर्ण हमले की जितनी भी निन्दा की जाय कम है।अब समय आ गया है भारत सरकार को चाहिए कि पी.ओ.के.से पाकिस्तान के समर्थक सैनिकों और आतंकी शिविरों को नष्ट करके गुलाम कश्मीर को आजाद कराकर भारत में मिलाकर पाकिस्तान का अवैध कब्जा समाप्त करने की कृपा करें।प्रमोद कुमार द…

आटोमेटिक राइफल्स फैक्ट्री का भारत मे न होना

gsirg.com आदरणीय सम्पादकजी                                   सादर प्रणाम             आज हमारा देश भारत मिसाइल टेक्नोलॉजी, तथा अंतरिक्ष विज्ञान में तथा जलपोत क्षेत्र में एक से बढ़कर एक ऊँचे सोपानों पर विराजमान हो रहा है।भारतीय सेनाओं जल, थल,वायु तीनों सेनाओं की रक्षा जरूरतों तथा उपकरणों की के हिसाब से आयुध कारखाने और उन्नत टेक्नोलॉजी तथा,डिजाइन के अभाव के कारण ही हम अपनी तीनों सेनाओं के रक्षा उपकरण और साजो-सामान की खरीद विदेशों से करने के लिए मजबूर हैं।तीनों सेनाओं की जरूरत के लिए हल्के हेलीकॉप्टर भी हम भारत में जरूरत के हिसाब से निर्माण नहीं कर पा रहे हैं।एविएशन क्षेत्र में H.A.L.के अलावा कोई भी बड़ा नाम नहीं है।आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी तीनों सेनाओं के जरूरत में काम आने वाली राईफल बनाने का कोई भी कारखाना न होने के कारण हम अमेरिका से 72000 के लगभग राईफलें खरीदने को मजबूर हैं।सन् 1990 में ही पहचान कर ली गई थी कि आतंकवादियों की तुलना में सेना की राइफलें अपेक्षाकृत कम उन्नत तकनीक की हैं।फिर भी आज तक की सरकारों ने कोई खरीद न की थी।अब जब मोदी सरकार ने यह समझदारी भरी उत्तम खरीद की है…

चुनाव पूर्व सतर्कता

gsirg.com आदरणीय सम्पादक जी                                 सादर प्रणाम
        भारत के दो चिर-परिचित शत्रु हैं।नं.1 चीन,नं.2 पाकिस्तान।यह दोनों शत्रु ऐन-केन-प्रकारेण भारत की बर्बादी के सपने देखते ही रहते हैं।पाकिस्तान ने पी.ओ.के.पर अवैध कब्जा सन् 1948 ई०से जमाए हुए हैं और जम्मू कश्मीर हड़पने के ख्वाब देखा करता है।चीन भी हजारों हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा करने के उपरांत अरुणांचल प्रदेश पर अवैध रूप से दावा प्रस्तुत करता ही रहता है।आए दिन डोकलाम राग अलापता ही रहता है।पाकिस्तान अनगिनत बार सीज फायर का उलंघन कर चुका है और यह मुहिम लगातार जारी है।दोनों देश चीन तथा पाकिस्तान भारत के विरुद्ध साजिश दर साजिश रचता ही रहता है।"मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है?वहीं होता है जो मंजूर-ए-खुदा होता है। भारत में लोकसभा चुनाव सिर पर हैं।ऐसे में विपक्षी पार्टियों के धन और शराब वितरण पर कड़ाई से नजर रखे जाने की खास जरूरत है।अभी यू.पी.का जहरीली शराब काण्ड अभी ठंडा भी नहीं हुआ है।यू.पी.और उत्तराखंड में लगभग सौ से अधिक लोगों नें अपनी जानें गंवाई हैं।पाकिस्तान अक्सर लोकसभा चुनाव बिगाड़ने के उद्देश्य से स…