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दीदी की दीदीगीरी

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                            सादर प्रणाम        बंगाल कभी जादू-टोने और काला जादू के लिए मशहूर था।आज बंगाल दीदी "ममता बनर्जी"की दीदीगीरी के लिए जाना जाता है।आजादी के बाद तो सभी सीटों पर कांग्रेस का ही शासन हुआ करता था।फिर बंगाल पर बामपंथियों की पकड़ मजबूत हुई।         राजीव गांधी जी की हत्या के बाद कांग्रेस की बागडोर श्रीमती सोनिया गांधी जी ने संभाली।लेकिन विदेशी महिला कहकर श्री शरद पवार जी,ममता बनर्जी, पंडित सुखराम जी कांग्रेस पार्टी से अलग होकर अपनी-अपनी पार्टी बनाई थी।तबसे ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस बंगाल में लगातार संघर्ष करते हुए सत्ता पर अब पूर्णरूपेण काबिज हो पाई है।
       अब दीदी की बंगाल में तूती बोलती है।दीदी का तृणमूल युवा संगठन तथा तृणमूल छात्र संगठन कुछ अधिक ही मजबूत बनकर उभरा है।लोकसभा चुनाव 2019 में दीदी ने सार्वजनिक मंच से बदला लेने की घोषणा कर डाली।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के रोड शो के दौरान बर्बर लाठीचार्ज करके भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को बुरी तरह घायल कर डाला।बाद में दीदी नें मोदीजी को भी जेल भ…
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सत्ता सुन्दरी के लिए खूनखराबा

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम        सत्ता, सल्तनत, तख्त-ओ-ताज के लिए अति प्राचीन समय से ही खून-खराबा, कत्ल-ओ-गारत होते चले आ रहे हैं।राजमद में चूर होकर अनेकों, राजाओं, सुल्तानों ,सम्राटों, नें गैरों-अपनों के खून करके ही राजतिलक करवाए हैं।इसका एक बहुत लम्बा इतिहास रहा है।इतिहास में अनेकों किस्से-कहानियां भरी पड़ी हैं।इस धरती पर एक से बढ़कर एक राजा,सुभट,सम्राट,महाराजा वीर ,बहादुर हुए और धरती को अपनों-गैरों के खून से लाल किए है।       अंग्रेजों के जाने बाद भारत में लोकतंत्र का राज कायम हुआ।लेकिन पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू ने ही लोकतंत्र की हत्या कर प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए।सरदार वल्लभ भाई पटेल को 7 वोट तथा जवाहर लाल नेहरू जी को 1 वोट मिला था।लेकिन मोहनदास करमचंद गांधी जी की कृपा से तथा अपने धन-बल पर आखिरकार प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने में श्री जवाहरलाल नेहरु जी ही सफल हुए थे।तब से अब तक कभी-कभी लोकतंत्र की हत्या या लोकतंत्र के लहूलुहान होने के समाचार मिलते ही रहे हैं।        ताजा घटना क्रम पर नजर डालें तो दि०14-05-2019 को उ०…

राजनेताओं की गिरती साख

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आदरणीय सम्पादक जी
                               सादर प्रणाम     एक समय था जबराजनीति में राजनेता एक दूसरे का आदर सम्मान करते थे, भले ही वह विभिन्न विचारधारा और विभिन्न दलों से सम्बंधित होते थे।अटल बिहारी वाजपेयी जी इसके सशक्त हस्ताक्षर थे।जिनका सम्मान सभी दलों के सांसद किया करते थे।         चौधरी चरण सिंह जी भी श्रीमती इंदिरा गांधी जी के धुर विरोधी होने के बावजूद श्रीमती इंदिरा गांधी जी के सुख-दुख में सदैव साथ खड़े नजर आते थे।प्रधानमंत्री पद की अपनी एक अलग गरिमा होती है।गुजरे जमाने के राजनेता कभी भी इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम नहीं करते थे।कभी भी एकदूसरे पर व्यक्ति गत टिप्पणी नहीं किया करते थे।वैचारिक और राजनीतिक भेद अपनी जगह पर थे।लेकिन निजी जिंदगी में शत्रुता के भाव का सर्वथा अभाव था।       आज राजनीति और राजनेताओं दोनों का स्तर काफी नीचे गिर गया है।एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए काफी नीचे गिर चुके हैं।प्रधानमंत्री पद की गरिमा भी तार-तार हो चुकी है।"चौकीदार चोर है।"जैसे अमर्यादित और बिगड़े बोल इसके सशक्त उदाहरण हैं।        राजनेताओं की जबानें अक…

भारत की कूटनीतिक सफलता /मसूद अजहर वैश्विक आतंकी घोषित

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                            सादर प्रणाम       मसूद अजहर जैसे दुर्दांत आतंकवादी को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाने के लिए भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जाती है।इसके लिए श्री नरेन्द्र मोदी सरकार की तथा अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे भारतीय मित्र राष्ट्रों की महती भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की जानी चाहिए।यह सभी मित्र देश अवश्य ही बधाई के पात्र हैं।          पाकिस्तान और उसके एकमात्र मित्र देश चीन ने चार बार वीटो पावर का इस्तेमाल करके भारत के प्रयास को विफल कर दिया था।लेकिन इस बार अमेरिका, फ्रांस,ब्रिटेन के सहयोग से भारत की कूटनीतिक सफलता प्राप्त हुई।
      पाकिस्तान की राष्ट्रीय नीति के रूप में आतंकवाद के प्रशिक्षण, पोषण,पनाह को सरकारी धन और सेना का सहयोग मिलता रहा है।पाकिस्तान को झूठ बोलकर दुनिया को गुमराह करने में महारत हासिल है।ओसामा बिन लादेन को भी पाकिस्तान में सुरक्षित पनाहगाह और सेना के अस्पताल में इलाज की सुविधा प्राप्त थी।         तत्कालीन राष्ट्रपति श्री परवेज मुशर्रफ नें बयान दिया था कि लादेन मर चुका है।जबकि …

अनुपयोगी होते रायबरेली के उपरिगामी सेतु

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आदरणीय सम्पादक जी
                              सादर प्रणाम

       यू.पी.ए.शासन काल में वी.वी.आई.पी.कहे जाने वाले जनपद रायबरेली की सांसद और यू.पी.ए.की संयोजक और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी ने अपने प्रभाव से N.H.24 B लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग को फोर लेन की मंजूरी प्रदान करवाई।तथा सड़क जाम की समस्या से मुक्ति के लिए रायबरेली की समस्त रेलवे क्रासिंग पर उपरिगामी सेतु की मंजूरी प्रदान करवा कर नेक और जनोपयोगी काम करवाया।
       इस जनोपयोगी सोच के पीछे सरकार की मंशा तो नेक थी,परन्तु भृष्टाचार, घूसखोरी के कारण N.H.24 B पर बछरावां में बने उपरिगामी सेतु ,तथा बांदा-बहराइच राजमार्ग पर बछरावां में ही बने उपरिगामी सेतु एवं रतापुर-जहानाबाद चौकी तक रायबरेली में बने उपरिगामी सेतु में उ०प्र०सेतु निगम लखनऊ या उपरिगामी सेतु बनाने की कार्यदायी संस्था ने जमकर भृष्टाचार का खेल खेला।
        इन तीनों सेतुओं को पास करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों ने खाओ,खिलाओ की नीति पर चलकर जमकर सरकारी माल की बंदरबाट करके मानकों के विपरीत घटिया सेतु निर्माण कर पास भी करवा ल…

आगजनी की बढ़ती घटनाएं और बचाव की जरुरत

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आदरणीय सम्पादक जी
                               सादर प्रणाम       हिन्दी भाषा मे आग स्त्रीलिंग शब्द है।कहावत है कि आग गर्मियों में मायके में निवास करती है।होली करने मायके आती है।तब से गर्मी भर मायके में ही निवास करती है।जरा सी ही चिंगारी से उग्र रूप धरकर पूरा गांव जला देने पर आमादा हो जाती है।पवन देव का सहयोग मिलने पर आग की लपटें आकाश छूने की कोशिश करने लगती है।
    आग का जानी दुश्मन पानी ही इस पर काबू पा सकता है।आग भड़क उठने पर जीव और जीविका दोनों को जलाकर भस्म कर देती है।भड़ककर जवान होने पर फायर फाइटर भी पसीना छोड़ते नजर आते हैं।        आग से बचाव के द्वारा ही घर,गाँव, खेत,खलिहान जीव,जीविका सबको सुरक्षित रखा जा सकता है।इसको भड़कने का मौका नहीं दिया जाना ही सर्वोत्तम बचाव है।सावधानी बरतने से ही इसको शांत रखा जा सकता है।      बीड़ी,सिगरेट के टोटें फेकते समय इन्हें पूर्णतया बुझा देना चाहिए।चूल्हे की घूरा में फेकने से पहले पूरी तरह बुझाकर ही फेंकना चाहिए।चिराग, ढ़िबरी,लालटेन बुझाकर ही सोना चाहिए।बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है।प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

आतंकवाद का घिनौना रुप

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आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम      शिक्षित और सभ्य समाज में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है।आतंकवाद की कोई जाति और धर्म भी नहीं होता है।यह सभ्य और शिक्षित समाज में एक कैंसर की तरह ही होता है।इसका समूल नाश ही एकमात्र इलाज है।आतंकवाद और हिन्सा का समर्थन और पोषण करने वाले पाकिस्तान जैसे देशों का पूर्णतया बहिष्कार करने की जरूरत है।सभी देश इस लाइलाज कैंसर जैसे रोग के सफाए के लिए एकजुट होकर जंग ही एकमात्र विकल्प है।
        आज प्रायः सभी देश एक-एककर इस दंश का शिकार हो रहे हैं।अच्छे और बुरे आतंकवाद का भेद किए बगैर इस वैश्विक बुराई पर वार किए जाने की जरूरत है।      अभी हाल ही में ईस्टर के पावन और पुनीत अवसर पर श्रीलंका में चर्चों और होटलों पर एकसाथ हमले करके निर्दोष और ईश्वर भक्तों पर कायराना हमला करके लगभग 250 सौ से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।और लगभग 500 सौ से अधिक लोगों को घायल किया गया है।श्रीलंका में आपातकाल लगाने पर मजबूर किया गया है।मैं हताहत लोगों की अश्रुपूरित श्रद्धांजली अर्पित करता हूँ।और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामन…