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Showing posts from 2019

** वीर बालाओं की उपेक्षा **

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम             योगी सरकार ने छात्राओं से छेड़छाड़ एन्टी रोमियो दल का गठन किया है।सरकार इस समस्या के प्रति गम्भीर है।योगीजी विशेष रूप से इस समस्या से आहत हैं।लेकिन इस तरह की घटनाओं में विशेष कमी नहीं आई है।योगीजी सख्त हैं पुलिस सख्त है।लेकिन इस देश की *प उवा *लगाने की घटिया स्तर की राजनीति के तहत राजनेता/छुटभैय्ये नेता बाज नहीं आते हैं।थाने में बेवजह दबाव बनाने की घटिया स्तर की राजनीति करते हैं।जो निन्दनीय है।          अपने सतीत्व, स्त्रीत्व की रक्षा करने वाली वीर बालाओं /छात्राओं को सरकार/समाज को इन्हें पुरस्कृत और सम्मानित करना चाहिए।अपने सतीत्व, स्त्रीत्व की रक्षा करने के लिए मनचलों,शोहदों,गुण्डों, मवालियों से अपनी जान पर खेलकर लोहा लेने तथा रिपोर्ट दर्ज करवाकर गुण्डों को उनके असली घर जेल पहुँचाने वाली को वीर बाला कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।        परन्तु हमारा समाज ऐसी वीर बालाओं को पुरस्कृत और सम्मानित करने के बजाय तिरस्कृत और अपमानित करता है।सभी अपनी लड़कियों को सीता,सावित्री, लक्ष्मी बाई बनाना चाहता ह…

एन्टी रोमियो स्कवायड की अपर्याप्तता

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आदरणीय सम्पादक जी
                            सादर प्रणाम
          सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा हेतु आपरेशन मंजनू,आपरेशन शोहदा,एन्टी रोमियो स्क्वायड आदि का गठन किया।अनेकों बार कैंसर बनती इस समस्या का समूल नष्ट करने का प्रयास किया।परन्तु रोग बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की।एन्टी रोमियो स्क्वायड की अपर्याप्तता के कारण शहरों/कस्बों में तो तैनाती हो जाती है लेकिन गाँव, देहात के इण्टर कालेजों/डिग्री कालेजों में शोहदों के आचरण से छात्राओं को स्कूल/कोचिंग आने-जाने में शोहदों के कारण मानसिक उत्पीड़न और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।महिलाओं/छात्राओं का बाहर निकलना दूभर है।
         महिला उत्पीड़न/शारीरिक एव मानसिक शोषण की घटनाएं बढ़ी हैं।बलात्कार और हत्या की घटनाओं में बाढ़ सी आ गई है।घर से बाहर आने-जाने वाली महिलाओं को हर समय इज्ज़त अस्मत खोने का भय लगा रहता है।घर के बाहर महिलाएं सुरक्षित और महफूज नहीं है।
        इसका एक बड़ा कारण संयुक्त परिवारों का टूटना और एकल परिवारों की बढ़ोत्तरी है।तथा टी.वी.रेडियो और सोशल मीडिया द्वारा पोर्न परोसना भी है।भारत की संस्कृति और मर्यादा का लगा…

सौभाग्य या दुर्भाग्य

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आदरणीय सम्पादक जी
                            सादर प्रणाम          सरकार का लक्ष्य है कि सौभाग्य योजना के अन्तर्गत हर घर में बिजली पहुंचाने का पुनीत और पावन योजना है।सौर ऊर्जा और बिजली के द्वारा वातावरण के अनुकूल ऊर्जा पहुंचाने और उत्पादन का लक्ष्य है।
        लेकिन सरकार नें मध्यांचल विद्युत वितरण खण्ड को निजी हाथों में दे दिए जाने के कारण बिजली बिल में कम-ज्यादा करवाने में खेल बड़े पैमाने पर जारी है।लोग अपनी धन शक्ति के बल पर बिल कम करवा रहे हैं।यहीं कारण है कि गरीब और रसूख की कमीं वालों का कनेक्शन विच्छेदन का अभियान सा चल रहा है।          सौभाग्य योजना में यदि सौ घरों का कनेक्शन जुड़ता है तो दो सौ घरों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं।जिनके कनेक्शन कट रहे हैं।उनके बिलों में भारी अनियमितता है।बिजली कर्मचारियों की उदासीनता और खाऊ,कमाऊ नीति के चलते सरकार की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है।सरकार खासकर मोदीजी और योगीजी की लोकप्रियता पर भी बट्टा लग रहा है।        गरीब जनता जिनका बिल हजार, डेढ़ हजार है उनके कनेक्शन कट रहे हैं।कैपिटलिस्ट और माननीयों,नेताओं, अभिनेताओं के बिल करोड़ों…

पुलिस चालान मे मस्त, जनता पस्त

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आदरणीय सम्पादक जी
                                  सादर प्रणाम           सरकार ने 1 सितम्बर 2019 से नया मोटर व्हीकल ऐक्ट लेकर आई।यातायात व्यवस्था के सुधार और एक्सीडेंट कम करने के लिए यह कानून लेकर आई।सरकार की मंशा अवश्य ही स्वागत योग्य कदम है।जुर्माना बढ़ाकर लग रहा है कि सरकार केवल जुर्माना से ही खजाना भरने की फिराक में है।
        इससे भी पुलिस ने अधिक कमाई का जरिया निकाल लिया है।गली,मुहल्ला में भी चालान का खेल चला रखा है।आटोमोबाइल और मोटर बाइक उद्योग पहले से ही घाटे में चल रहा था।अब कोढ़ में भी खाज पैदा हो गया है।गरीबों में भी 10-12 हजार लगाकर सेकंड हैंड मोटर साईकिल खरीद का चलन सा चल पड़ा है।
          विड़म्बना यह है कि अब हर कोई तो बाइक से ही चलना चाहता है।गरीब जनता ने कर्ज पानी लेकर किसी तरह 10-15 हजार की सेकेंड हैंड बाइक लेकर गाड़ी से चलने का शौक पूरा कर लेता था।लेकिन अब 30,000 हजार का चालान उसकी सामर्थ्य से बाहर है।         पुलिस चालान में मस्त है।जनता पस्त है।आम जन मानस में धीरे-धीरे आक्रोश के अंकुर प्रस्फुटित हो रहे हैं।सरकार यातायात नियमों में सुधार के साथ-सा…

सफल मिशन चन्द्रयान-2 की बधाई

helpsir.blogspot.inआदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम          रूस,अमेरिका, चीन के बाद भारत नें सफल मिशन चन्द्रयान-2भेजकर विश्व में चौथा देश होने का गौरव प्राप्त किया है।चन्द्रयान-2सबसे सस्ता और सबसे गुणवत्तापूर्ण मिशन भेजकर एक अलग उपलब्धि हासिल की है।इसके लिए अंतरिक्ष इन्जीनियरों तथा वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई।
          भारत सरकार भी बधाई की पात्र है।भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक श्री विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम नाम रखकर सही अर्थों में विक्रम साराभाई जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है।
           विक्रम साराभाई जी का चन्द्र मिशन सच साबित करने की दिशा में इसरो ने एक मील का पत्थर रख दिया है।          हमारे वैज्ञानिक, इन्जीनियर और भारत सरकार ने स्वदेशी तकनीक और कम लागत में चन्द्रयान-2 भेजकर यह साबित कर दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं।सबसे आगे होंगे हिन्दुस्तानी की दिशा में एक सबसे बड़ा मील का पत्थर लगा दिया है।
एक बार पुनः वैज्ञानिकों और इन्जीनियरों और भारत सरकार को बधाइयां और शुभकामनाएं।प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

पाकिस्तान द्वारा युद्ध उन्माद फैलाना

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आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम          पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे पर अनर्गल प्रलाप जारी है।हर तरफ से मुँह की खाने के बाद भी पाकिस्तान द्वारा युद्ध उन्माद फैलाने का सिलसिला जारी है।पाकिस्तान के वर्तमान रेलमंत्री श्री राशिद अहमद द्वारा एक तुगलकी फरमान जारी करके अक्टूबर-नवम्बर में युद्ध की घोषणा की गई है।
         "घर में नहीं है खाने को अम्मी चली भुनाने को"इस कहावत को चरितार्थ कर रही है।ज्ञातव्य हो कि यह वहीं मंत्री हैं जिनको भारत विरोधी बयानों के लिए इंग्लैंड में भारतवंशियों द्वारा जूतों से पिटाई की गई थी।शायद राशिद अहमद जूतों से पिटाई भूल गए हैं।इनके नेता,अभिनेताओं, मंत्री,संतरी,प्रधानमंत्री द्वारा भारत के खिलाफ जहर उगलने का क्रम जारी है।मोदी और मोदी सरकार से निवेदन है कि गुलाम कश्मीर पाकिस्तान के कब्जे से खाली कराकर भारत में शामिल करके गुलाम कश्मीर की जनता को पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्त करवाने की कृपा करें।मोदीजी हैं तो यह भी मुमकिन है।प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

पाकिस्तान की बेजा चिल्ल पों

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आदरणीय सम्पादक जी
                            सादर प्रणाम         भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर का 73 साल पुराना कोढ़ यानि 370 जब से हटाया है।तब से लगातार हर मंच पर पाकिस्तान का कश्मीर पर बेजा चिल्ल पों लगातार जारी है।कोई ऐसा मंच नहीं है जहाँ पाकिस्तान ने अपनी अलाप न लगाई हो।हर मंच पर उसे मुँह की खानी पड़ी है।
       केवल पाकिस्तान का सदाबहार ( मौकापरस्त ) मित्र चीन ही उसके सुर में सुर मिला रहा है।कारण है दोनों ही भारत के दुश्मन नं.1और दुश्मन नं. 2 जो ठहरे।दुश्मन का दुश्मन दोस्त ही होता है।इसी तर्ज पर दोनों दुश्मन जानी दोस्त बने हैं।।   
        इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को मुस्लिम देशों से ही ज्यादा सम्मान और समर्थन मिल रहा हैं।वहीं पाकिस्तान को नरेन्द्र मोदी जी की मिल रही ख्याति पच नहीं पा रही है।पाकिस्तान की सरकार जहाँ पानी पी-पी कर भारत को कोस रहा है वहीं पाकिस्तान की जनता अपनी ही सरकार को कटघरे मे खड़ी कर रही है।।
       सीमा पर संघर्ष विराम की पाकिस्तान की नापाक कोशिश लगातार जारी है।बेमौसम बरसात की तरह ही अग्रिम चौकियों पर अंधाधुंध फायरिंग …

गुलाम कश्मीर

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आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम       आधुनिक युग में गुलामी किसी बदनुमा धब्बे से कम नहीं है।देश को आजाद हुए लगभग 73 वर्ष हो चुके हैं।पी.ओ.के.वाला कश्मीर आज भी गुलाम कश्मीर के नाम से ही पहचाना जा रहा है।गुलामी का दंश झेलने पर आज भी मजबूर है।
        सन् 1947 ई० में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन महाराजा श्री हरी सिंह का राज्य था।इनके लड़के कर्ण सिंह जवाहर लाल नेहरू के निकट सहयोगी थे।श्री हरी सिंह जी को दोहरी मार झेलनी पड़ी।पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर आक्रमण कर दिया और पी.ओ.के.कहा जाने वाले हिस्से पर अवैध कब्जा कर लिया।और उस जीते भूभाग को ही गुलाम कश्मीर की संज्ञा दी।
       जवाहर लाल नेहरू किसी भी कीमत पर शेख अब्दुल्ला को ही जम्मू कश्मीर का शासक बनाने पर तुले हुए थे।जवाहर लाल नेहरू ने शर्त लगा दी थी कि शेख अब्दुल्ला को प्रशासक नियुक्त करने पर ही भारत की सेना लड़ने जाएगी।जब आप शेख अब्दुल्ला को प्रशासक नियुक्त करेंगे।मजबूरन शेख अब्दुल्ला को अंतरिम प्रशासक नियुक्त करना पड़ा।और गुमनामी की मौत मरने के लिए महाराज हरी सिंह बम्बई चले आए।        बलूच लोग भारत…

15 अगस्त पर विशेष * ऐसे थे चन्द्रशेषर आजाद*

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आदरणीय सम्पादक जी                                  सादर प्रणाम          चन्द्र शेषर आजाद के बारे में एक बार की घटना जो मैनें राष्ट्र धर्म पत्रिका में पढ़ी थी।प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।         अंग्रेजी राज्य था।देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था।अंग्रेजों का जुल्म-ओ-सितम दिनों दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा था।मानवता त्राहि-त्राहि कर रही थी।भारत माँ के सपूत उनकी बेंड़ियाँ काटने को बेचैन थे।क्रांतिकारियों को पुलिस के दमन चक्र का शिकार होना पड़ रहा था।             क्रांतिकारियों की धर-पकड़ के लिए अंग्रेजी जासूस सूंघते फिर रहे थे।फिर भी माँ भारती के लड़ैते लाल अंग्रेजी सरकार को नुकसान पहुंचाने से बाज कहाँ आ रहे थे।पकड़े जाने पर भी बड़े गर्व से फांसी का फंदा चूमने की ललक लिए शहीदों की माला में एक और मनका जड़नें को आतुर रहते थे।            चन्द्र शेषर आजाद केवल एक बार सोलह साल की उम्र में प्रयागराज में ही गिरफ्तार हुए थे।बड़े ही सटीक और निर्भीक प्रश्नोत्तर किए थे।16 कोड़ों की सजा दी गई थी।उसके बाद आजाद आजादथे, आजाद ही रहे।आज आजाद भारतीयों के लिए क्रांति नायक,असल योद्धा, अद्…

नेतृत्व राख : ड़ूबती साख

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम        प्रकृति का एक सार्व सत्य नियम है कि हर चीज का उत्थान के बाद पतन निश्चित है।कांग्रेस संगठन भी इस समय अपने पतन पर है।दूसरे दलों में पलायन बढ़ा है।नेताओं में भगदड़ की होड़ मची है।एक से बढ़कर एक कद्दावर नेता भगदड़ में लगे हुए हैं।
        पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के समय तक यदि कांग्रेस का स्वर्णिम युग कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।अब कांग्रेस में सक्षम नेतृत्व का सर्वथा अभाव है।यहीं कारण है कि कांग्रेस धरातल से रसातल की ओर अग्रसर है।कांग्रेस में समय की नब्ज पकड़ने वाला नेता श्रीमती इंदिरा गांधी जी ही थी।         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा 2014 में दिया था।2019 के लोकसभा चुनावों तक यह नारा अक्षरशः सत्य नजर आ रहा है।वर्तमान जम्मू कश्मीर में370 हटाने के समय भी योग्यता और दूरदर्शिता के अभाव में एक बार फिर कांग्रेस चूकती नजर आई।अधीर रंजन चौधरी की अधीरता की निंदा माननीया सोनिया गांधी ने भी की।      उपरोक्त कथन / विवेचन का प्रयोजन है कि बिना योग्य नेतृत्व के कांग्…

दबंग फैसला

आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम         डा०श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का कहा सही मायनों में कल दि०05-08-2019 को सच साबित करके मोदी सरकार ने शहादत को सही अर्थों में नमन किया है।मुखर्जी जी नें" एक राष्ट्र, एक संविधान, एक निशान, एक प्रधान"की धारणा प्रस्तुत की थी।जिसे सही मायनों में कल मोदी सरकार ने सच कर दिखाया।
           "जहाँ हुए बलिदान मुखर्जी।वह कश्मीर हमारा है।"सही अर्थों में कल ही कश्मीर हमारा हुआ है।इससे पहले यह भाजपा का एक नारा भर ही था।अब इस नारे को सही अर्थों में मूर्त रूप दिया जा सका है।      इससे पहले की पूर्ववर्ती सरकारों में दृढ़ इच्छा शक्ति, साहस का सर्वथा अभाव रहा था।जिसके कारण ही यह कोढ़ 70 सालों तक हमें ढोना पड़ा था।मोदी सरकार तथा 56" सीने वाले मोदी में बड़े,कड़े और साहसिक फैसले लेने की दम है।
        चाहे नोटबंदी हो या सर्जिकल स्ट्राइक हो चाहे तीन तलाक बिल हो या अब यह नया 370 खत्म करने वाला फैसला हो।मोदी ने आगे बढ़कर चुनौतियों का डट कर सामना किया है।मोदी और मोदी सरकार अवश्य ही बधाई की पात्र है।प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रा…

वृक्षारोपण

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आदरणीय सम्पादक जी
                              सादर प्रणाम        यह पावन भूमि राम,कृष्ण की धरती रही है।यहां एक से बढ़कर एक महान मूर्धन्य विद्वानों, वीर,शिरोमणि, तथा अन्य विलक्षण प्रतिभा से सम्पन्न साधु,संतों ने जन्म लिया है।भगवान नें प्राकृतिक सम्पदा देने में कोई कन्जूसी नहीं बरती है।प्राकृतिक संसाधनों को दोनों हाथों से भर-भरकर लुटाया है।
       गोलकुंडा की खान से कोहिनूर नामक हीरा निकला था।जिसे खरीदने के लिए पूरी दुनिया की दौलत कम पड़ गई थी।जब हीरे के तीन टुकड़े किए गए तो दुनिया के दौलतमंद उस हीरे को खरीद सकी थी।      वन सम्पदा में इमारती लकड़ी तथा कीमती फर्नीचर तैयार होने वाली लकड़ी भी भगवान ने खूब दी थी।हमने निजी स्वार्थ बश प्रकृति प्रदत्त सम्पदा का खूब दोहन किया।
        अब स्थिति यह आ गई है कि सांस लेने भर की हवा भी नहीं बची है।दिल्ली की वायु गुणवत्ता मारक स्तर पर पहुंच चुकी है।यहीं कारण है कि शहर की दवा और देहात की हवा बराबर होती है।
        हमने नादानी वश जिन्दा रहने के लिए परम आवश्यक आक्सीजन देने वाले वृक्षों को काट डाला।और जलवायु असंतुलन को न्यौता दे बैठे।और …

हार की जीत ( CWC 2019 ) ?

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आदरणीय सम्पादक जी
                              सादर प्रणाम          4 साल बाद आने वाला क्रिकेट महाकुंभ क्रिकेट विश्व कप 2019 जिसका फाइनल मैच क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मैदान Lord'S के मैदान लंदन में मेजबान इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड के बीच 14 जुलाई 2019 को खेला गया।Lord'S के मैदान पर क्रिकेट खेलना हर क्रिकेट खिलाड़ी के लिए सपना होता है।
         फाइनल खेलने वाली दोनों टीमों ने इससे पहले कभी क्रिकेट विश्व कप नहीं जीता था।क्रिकेट के जनक कहे जाने वाले इंग्लैंड ने 1975 ई० जबसे क्रिकेट विश्व कप शुरू हुआ ,कभी भी विश्व कप नहीं जीता था।उसका सपना क्रिकेट विश्व कप जीतने का था।मुकाबले में कभी भी इंग्लैंड जीतती नजर नहीं आई।
         न्यूजीलैंड नें टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी।50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 241 रन न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने बनाए।जबाब में मेजबान इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने 241 रन पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने आल आउट होकर 241 रन बनाकर मैच टाई करवाने में सफलता अर्जित की।
      अब फैसला सुपर ओवर में होना निश्चित हुआ।सुपर ओवर में …

सफेद हाथी बने ग्रामीण डाकघर

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम       डाकघर कभी का जिम्मेदार और भरोसेमंद महकमा माना जाता था।इस विभाग में लापरवाही का लेशमात्र स्थान नहीं था।बड़े से बड़े डाकू भी पोस्टमैन या मेल प्यून को लूटने की हिम्मत नहीं कर पाता था।यह विभाग सबसे पुराना और विश्वसनीय माना जाता था।          कहने को सभी ग्रामीण डाकघर भी C.B.S.बना दिए गए।परन्तु B.S.N.L.के सर्वर कभी रहते ही नहीं है।और सर्वर की अनुप्लब्धता के चलते बाबुओं की चाँदी है।केवल सीट पर बैठकर सोने का काम शेष बचा है।सर्वर न होने का बहाना बनाकर काम न करना ही एकमात्र काम बचा है।           वी.वी.आई.पी.कहे जाने वाले जनपद रायबरेली के उपडाकघर सेहगों, रायबरेली में डाकघर की सेवाओं का यह आलम है कि 1000 प्रति माह जमा होनेवाली आर.डी.पूरे पाँच साल जमा करने के उपरांत 74000 हजार भुगतान होना था।लेकिन सर्वर न उपलब्ध होने के चलते मई 5,2019 को परिपक्व हुए खाते का भुगतान 5 जुलाई 2019 तक नहीं हो सका है।डाकघर जाने पर उप डाकपाल महोदय जी हमेशा से ही तैयार जबाब सर्वर न होना बताकर टाल देते हैं।बकौल उप डाकपाल 5 बार रजि०डाक से डाक …

क्रिकेट विश्व कप 2019 मे अजेय भारत का विजयरथ रुका।

helpsir.blogspot.comआदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम       क्रिकेट विश्व कप 2019 में भारत का अजेय अभियान अब तक लगातार जारी था।कल दि 30-06-2019 को इंग्लैंड के खिलाफ भारत का अजेय अभियान थम सा गया।इस मैच में भारत नें 5 विकेट के नुकसान पर केवल 306 रन बनाकर 31 रन से मैच गंवा बैठी।इस मैच को भारत ने कभी भी जीतने के लिए खेला ही नहीं।यह मैच इंग्लैंड के लिए करो या मरो का मैच था।यदि इंग्लैंड टीम यह मुकाबला हार जाती तो सेमीफाइनल में पहुंचने की सारी उम्मीदें समाप्त हो जाती।मगर मेजबान इंग्लैंड नें हर विभाग में भारत को मात दी।
       बंग्लादेश और पाकिस्तान के समर्थकों की भारत के जिताने की दुआ भी काम नहीं आई।पाकिस्तान और बंग्लादेश सबेरे वाली गाड़ी से चले जाएंगे की हालत मे आ गये।
       यदि भारत यह मैच जीतता तो इन दोनों देशों की उम्मीदें भी कायम रहती।हतास पाकिस्तान के बासित नें पहले ही कहा था कि पाकिस्तान को बाहर करने के इरादे से भारत हार भी सकता है।और ऐसा ही हुआ।       भारत के गेंदबाज मोहम्मद शमी और बुमराह का प्रदर्शन उम्मीद से ज्यादा उम्दा रहा है।रोहित शर्मा ने भी काबिलियत औ…

लुप्त होते महिला मंगल गीत

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आदरणीय सम्पादक जी
                              सादर प्रणाम        लोकगीतों की कड़ी में महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले मंगलगीतों का प्रथम स्थान हुआ करता था।महिलाओं द्वारा शादी ब्याह,मुण्डन, छेदन आदि मांगलिक सुअवसरों पर विभिन्न प्रकार के गीत हुआ करते थे।यथा---उड़द और मूंग की बड़ियां बनाए जाने के समय के गीत,मण्डप रोपित होने पर प्रतिदिन सांझ न्यौतने के गीत,तेल चढ़ाए जाने के समय के गीत,द्वार-चार के गीत,स्वागत गीत,खाना खाने के समय के गीत,ब्याहा-भात के समय के गीत,कलेवा के समय के गीत,विदाई गीत आदि।इसके अतिरिक्त होली गीत,गोबर के बल्ला बनाए जाने के समय के गीत।रक्षाबंधन, नागपंचमी के गीत,सावन पर झूला गीत।
      कुल मिलाकर हर मांगलिक अवसर के अलग-अलग महिला मंगल गीतों की सिरीज हुआ करती थी।समय बदला महिला मंगल गीतों के स्थान पर फिल्मी गीत गाए जाने लगे।पुराने जमाने के महिला गीतों में सुर-ताल तथा रस हुआ करता था।अब के फिल्मी गानों में फूहड़ता, अश्लीलता ही परोसी जा रही है।द्विअर्थी गीतों का चलन चल पड़ा है।
     हमारे यहाँ शास्त्रोक्त विधि से वैदिक रीति से शादी का विधान रहा है।उसी अनुसार मांग…