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11 इलाज ; दमा और एलर्जी का समसामयिक कारण

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 इलाज ; दमा और एलर्जी का समसामयिक कारण


मेरे सुविज्ञ पाठकगणों कुछ ऐसी बीमारियाँ  होती है , जो विशेष समय पर ही होती हैं , इन्हे हम बोलचाल की भाषा मे '' समसामयिक बीमारियां  '' कहते हैं जैसे सर्दी जुकाम | ें यह बीमारियों का एक निश्चित समय पर तथा निश्चित वातावरण मे अनायास ही व्यक्ति को अपनी गिरफ्त मे लेकर अपना भयावह स्वरुप  दिखाने लग जाती है | जैसा कि आप सभी जानते हैं कि यह गर्मी के दिन है | इस समय सभी किसान भाई अपनी गेहूँ कि फसल तैयार करके अपना गेहूँ घर लाने मे लगे हुए हैं | किसान इस फसल को घर लाने से पहले उसकी कटाई व मड़ाई करते है | मड़ाई के बाद ही किसान को गेहूँ के साथ जानवरों को खिलाने के लिए '' भूसा '' भी मिल जाता है |     

यह समय रवी की फसल गेहूँ की कटाई, मड़ाई का हैं | सभी किसान का यह काम जोरों पर है।मड़ाई के कारण चारों ओर '' भूसे '' के छोटे छोटे कण वायुमंडल में प्रचुरता से विद्यमान रहते हैं। इसीतरह धनिया और तिलहन आदि फसलो  के छोटे छोटे कण भी वातावरण मे बहुतायत से फैले हुए होते हैं | वायुमंडल के ऐसे प्रदूषित वातावरण मे धूल आदि के साथ मिश्रित यह कण अलर्जी और दमा के लिए ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं।यह भूसे के कण '' स्वशन तंत्र '' के लिए बहुत ही अधिक खतरनाक हैं।इनसे दमा,श्वास तथा सर्दी बढ़ने के साथ-साथ  त्वचा रोगों के  बढ़नें के आसार बढ़ जाते हैं।

अतःजन मानस से निवेदन है कि जहाँ मड़ाई का कार्य चल रहा है वहां मुँह पर कपड़ा बांधकर जायें।श्वास और दमा बढ़नें पर तथा त्वचा रोग खुजली बढ़नें पर योग्य चिकित्सक से इलाज करवाने की कृपा करें।

धन्यवाद।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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