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सफेद हाथी बने ग्रामीण डाकघर


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आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम

       डाकघर कभी का जिम्मेदार और भरोसेमंद महकमा माना जाता था।इस विभाग में लापरवाही का लेशमात्र स्थान नहीं था।बड़े से बड़े डाकू भी पोस्टमैन या मेल प्यून को लूटने की हिम्मत नहीं कर पाता था।यह विभाग सबसे पुराना और विश्वसनीय माना जाता था।

          कहने को सभी ग्रामीण डाकघर भी C.B.S.बना दिए गए।परन्तु B.S.N.L.के सर्वर कभी रहते ही नहीं है।और सर्वर की अनुप्लब्धता के चलते बाबुओं की चाँदी है।केवल सीट पर बैठकर सोने का काम शेष बचा है।सर्वर न होने का बहाना बनाकर काम न करना ही एकमात्र काम बचा है।

           वी.वी.आई.पी.कहे जाने वाले जनपद रायबरेली के उपडाकघर सेहगों, रायबरेली में डाकघर की सेवाओं का यह आलम है कि 1000 प्रति माह जमा होनेवाली आर.डी.पूरे पाँच साल जमा करने के उपरांत 74000 हजार भुगतान होना था।लेकिन सर्वर न उपलब्ध होने के चलते मई 5,2019 को परिपक्व हुए खाते का भुगतान 5 जुलाई 2019 तक नहीं हो सका है।डाकघर जाने पर उप डाकपाल महोदय जी हमेशा से ही तैयार जबाब सर्वर न होना बताकर टाल देते हैं।बकौल उप डाकपाल 5 बार रजि०डाक से डाक निरीक्षक, रायबरेली को अवगत कराया गया।परन्तु आज तक सर्वर ठीक नहीं हो सका है।जिसके कारण जमाकर्ताओं को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
          उपभोक्ताओं को जरूरत पर अपना जमाधन भी नहीं मिल पा रहा है।क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।निश्चित ही डाक विभाग को भी भारी नुकसान हो रहा है।

        अतःसरकार के डाकतार विभाग के आला अधिकारियों से निवेदन है कि कृपया सेहगों, उपडाकघर, रायबरेली के सर्वर ठीक करवाने की कृपा करें।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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