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विश्व पर्यावरण दिवस

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     आदरणीय सम्पादक जी

                              सादर प्रणाम

        आज विश्व पर्यावरण दिवस है।इस दिन हम सबको मिलकर पर्यावरण की रक्षा की शपथ उठानी होगी।भावी पीढ़ियों की सुरक्षा हेतु कम से कम एक पेंड़ अवश्य लगाना चाहिए।भगवान ने हमें प्राकृतिक सम्पदा दोनों हाथों से लुटाई थी।यह राम,कृष्ण की धरती है।भगवान नें हमें प्राकृतिक सम्पदा देने में कोई कंजूसी नहीं की थी।
           हम प्राकृतिक सम्पदा का दोहन करते-करते प्राकृतिक आपदा को निमंत्रण दे बैठे।प्रकृति का वरदान पेंड़ पौधों,वनस्पति से हमारा भण्डार भरा हुआ था।लेकिन हमने नादानी और नासमझी बश लालच वश हमने इमारती लकड़ी और ईंधन के लिए अमूल्य प्राकृतिक सम्पदा को काट डाला।और जलवायु असंतुलन की समस्या से दो-चार हो रहे हैं।
        त्रहमारे केंद्रीय पर्यावरण मंत्रीजी नें कम से कम एक पेंड़ लगाकर सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करने की सलाह जारी की है।जो एक स्वागतयोग्य कदम है।जनसहभागिता और सरकार की सहभागिता से ही ऐसे लक्ष्य पूरे किए जा सकते हैं।विकास के नाम पर राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के समय हमने हजारों पेड़ो को काटकर धराशायी कर दिया।

        अब भी समय है भावी पढ़ियों के जीवन के लिए पर्यावरण की रक्षा हेतु हम सब मिलकर पेड़ो को लगाएं।वृक्ष ही जीवन और धरा का श्रंगार हैं।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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