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भीषण गर्मी और बढ़ते संक्रामक रो गों का खतरा \[ Danger of fierce heat and increasing infectious rocks

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भीषण गर्मी और बढ़ते संक्रामक रो गों  का खतरा  
 Danger of fierce heat and increasing infectious rocks
आदरणीय सम्पादक जी 
                                 सादर प्रणाम   fierce heat - increasing infectious -  rocks

           भीषण गर्मी पड़ रही है।अप्रैल में ही मई,जून के दिनों की याद दिला रही है गर्मी।भगवान भाष्कर अपनी तीक्ष्ण किरणों से मानों कुपित होकर समूचे ब्रह्मांड को जला देने का इरादा रखते हैं।जल,थल,पशु,पक्षी मानव सभी भीषण गर्मी से व्याकुल हैं।किसानों, मजदूरों को भारी गर्मी में अपने खेतों में काम करने पर विवश हैं।रवी की फसल का अन्न यानि किसानों की छः महीनों की मेहनत का परिणाम खेतों में बिखरा पड़ा है।भगवान बेमौसम की बारिश,ओलावृष्टि और बाद में तेज धूप से फसल बर्बाद कर देनें पर अमादा हैं।                              
         इस भीषण गर्मी में भगवान भी अन्नदाता के धैर्य परीक्षा ले रहे हैं | ऐसा लगता है कि बीच बीच में पानी गिराकर वह किसानो की मेहनत पर पानी फेरना चाहते हैं,जबकि अन्नदाता अपने कठिन परिश्रम के मोती बिना देर किए घर लाने की जुगत में है। इस मौसम में उन्हें, और किसानो को ही क्या सभी को संक्रामक रोगों के प्रकोप का भी खतरा भी बना रहता हैं | 
       गर्मी की आहट होते ही गन्ने के जूस की दुकानें,बर्फ,आइसक्रीम और ठण्डा की दूकानें सज चुकी हैं।ऊपर से लोकसभा 2019 के चुनावों की गर्मी भी आँच दे रही है।सहालग भी जोर कस रही है।लोग भीषण गर्मी में चुनाव और सहालग की गर्मी भी सहने पर मजबूर हैं।ऐसी गर्मी में गन्ने के जूस की दूकानें, बर्फ आइसक्रीम की दूकानें और कटे,फटे,सड़े,गले फलों की दूकानें डायरिया,पीलिया और अन्य संक्रामक रोगों को निमंत्रण दे रहे हैं।
        गरीब, मजबूर,मजदूर लोग सस्ते के चक्कर में सड़े,गले,कटे,फटे फलों को खरीदकर खाने पर मजबूर हैं।और संक्रामक रोगों की गिरफ्त में फंस रहे हैं।
          सरकार से निवेदन है कि गन्ने के जूस की दूकानें, कटे,फटे,सड़े,गले फलों की दूकानें और बर्फ,आइसक्रीम की दूकानों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।जिससे लोगों को संक्रामक रोगों से बचाया जा सके।
प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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