Skip to main content

Bizarre words of spoiled leadership \ बिगड़ैल नेताओँ के बेतुके बोल

helpsir.blogspot.com
आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम

         भारतीय राजनीति में बेतुके बोल वाले नेताओं की अच्छी खासी फौज है।यथा---कांग्रेस--दिग्विजय सिंह, शशि थरूर, भाजपा--गिरिराज सिंह, साध्वी ऋतंभरा, साध्वी उमा भारती, आदित्यनाथ योगी सपा--आजम खां बसपा --सुप्रीमो मायावती।
Bizarre words of spoiled leadership  \ बिगड़ैल नेताओँ  के बेतुके बोल
बेतुके बोल

        इन सभी राजनेताओं में आजम खां और शशि थरूर जी और योगी आदित्यनाथ आदि अक्सर बेतुके बोलों के लिए प्रसिद्ध हैं।आजम खां ने भारत माता को ही डायन कह डाला था।अगर इन्हें राष्ट्र द्रोही कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।सिने तारिका जयाप्रदा के खिलाफ अशोभनीय, अमर्यादित टिप्पणी करके महिला शक्ति को अपमानित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है।
Aबेतुके बोलdd caption

      शशि थरूर जी नें भी भारत और भारतीयता पर करारे प्रहार किए हैं।भारतीय रेल को कैटिल दर्जा तक कह डाला है।सुनन्दा पुष्कर से शादी रचाने से लेकर हत्या तक परोक्ष अथवा प्रत्यक्ष रूप से साजिश में शामिल रहे हैं।लेकिन इन भाग्य विधाता राजनेताओं के कानून और संविधान सब बौने होकर रह जाते हैं।
      ऐसी स्थिति मे केवल सुप्रीम कोर्ट ही कुछ एक्शन लेकर इन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करने का साहस दिखा पाता है। जैसा कि मा० सुप्रीम कोर्ट को अपने संज्ञान मे लेकर इस गम्भीर प्रकरण निर्वाचन आयोग को लताड़ भी लगानी पड़ी है क्योंकि उसे पता था कि बाकी की जिम्मेदार संस्थान जैसे व्यवस्थापिका और कार्यपालिका तो बिल्कुल असहाय और मजबूर होती नजर आ रही थी।
Bizarre words of spoiled leadership  \ बिगड़ैल नेताओँ  के बेतुके बोल
बेतुके बोल

        मा० सुप्रीम कोर्ट के चाबुक चलने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने एक्शन लिया है।जो एक सराहनीय कदम कहा जाएगा।अगर सभी संस्थाएं निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य करें तो सुप्रीम कोर्ट को बेवजह दखल न देना पड़े।
       शशि थरूर और आजम खां जैसे नेताओं के बड़बोलेपन पर लगाम लगाए जाने की जरूरत है।भारत निर्वाचन आयोग को इन बड़बोले नेताओं पर सख्ती बरतने की जरूरत है।


प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

Comments

Popular posts from this blog

Holi colors with hubbub ;- होली के रंग, हुड़दंग के संग

helpsir.blogspot.com. Holi colors with hubbub ;- होली के रंग, हुड़दंग के संग आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम ऋतुराज बसंत के आगमन के साथ ही होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।बसंत पंचमी के दिन ही गाँव के माली द्वारा होली का ढाह गाड़ दिया जाता है।जो भक्त प्रहलाद के प्रतीक स्वरूप गाड़ा जाता है।लोकगीत --"गड़िगा बसंता का ढ़ाहु बिना होली खेले न जाबै।"काफी प्रचलित लोकगीत है।
होलीगीत और लोकगीत "फाग"से बसंत पंचमी के बाद दसों दिशाएं गुंजायमान होने लगती हैं।प्रकृति नव पुष्पों और नई कोपलों नव पत्तों से धरा का नया श्रंगार करती है।पेंड़़-पौधे नये वस्त्र धारण करते हैं।         कभी होली गीत "फाग"बसंत पंचमी के बाद से हर गाँव गली मोहल्ला में फाग के आयोजन हुआ करते थे।घर-घर होली के बल्ले गोबर से उपलों की शक्ल में बनाए जाते थे।महीनों पहले से कचरी-पापड़ बनना शुरू हो जाते थे।फाग मण्डलियां शाम होते ही गायन प्रस्तुत करती थी।
 हर्सोल्लास का त्योहार  बड़े हर्षोल्लास से उमंग से लोग होली के हुड़दंग में शामिल होते थे।आपसी बैर भाव मिटाकर होली मिलते थे।पर आज मंहगाई तथा आप…

Global threat - Terrorism China's cooperation i वैश्विक खतरा - आतंकवाद चीन का प्रश्रय

helpsir.blogspot.com
वैश्विक खतरा आतंकवाद को चीन का प्रश्रय
आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम


      भारत के दो दुश्मन चीन और पाकिस्तान भारत की छाती पर आखिर कब तक मूंग दलते रहेंगे।भारत नें संयुक्त राष्ट्र संघ से दो बार आतंकी मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करवाने के लिए प्रयास किए।लेकिन चीन की अड़ंगेबाजी के कारण चीन का प्रश्रयदोनों बार मुँह की खानी पड़ी।
      किन्तु जब इस बार भारत के अविचल प्रयासों से फ्रांस, अमेरिका, इंंग्लैण्ड के संयुक्त प्रयास किया,तो उन्हें भी चीन की ही अड़ंगेबाजी के कारण मुँह की खानी पड़ी है।
       आखिर चीन क्यों बार-बार आतंकियों को बचाता है। ऐसा करके वहविश्व पटलपर क्या संदेश देना चाहता है।

विश्व बिरादरी पाकिस्तान को साथ देने के लिए चीन पर कूटनीतिक दबाव बनाने में क्यों विफल हो जाता है?इसका सीधा और सटीक जवाब यही हो सकता है कि वह ( चीन)परोक्ष रूप से आतंकवाद का पोषण कर रहा है।
      यही कारण है कि अमेरिका, इंंग्लैण्ड, फ्रांस जैसे शक्तिशाली देश अपने आतंकवाद के उन्मूलन के प्रयासों मे विफल हो जाते हैं। वास्तविकता के धरातल पर यह की चीन की…

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश मे चुनाव एक पर्व ;

helpsir.blogspot.com दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश मेचुनाव एक पर्व  आदरणीय सम्पादक जी 
                           सादर प्रणाम         दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में चुनाव पर्व की घोषणा कल दि०10-03-2019 को चुनाव पर्व की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो चुकी है।चुनावी बिगुल बज चुका है।राजनीतिक दलएन.डी.ए.तथा यू.पी.ए. रूपी पाण्डव और कौरव सेना में शामिल होकर चुनावी महाभारत फतेह करनें के इरादे से 2019 लोकसभा रूपी कुरूक्षेत्र में कूद पड़े हैं। 29 मई को मतगणना में सभी दलों के प्रदर्शन का परिणाम घोषित हो जाएगा।         अगर वास्तविक चुनावीपरिवेशपर समीक्षात्मक नजर ड़ाली जाय,तो राजनीति मे कोई किसी का न तो स्थाई मित्र होता है न ही स्थाई दुश्मन। एक दूसरे के प्रतिद्वंदी  भी स्वार्थ के वशीभूत होकर केवल जीत के लिये किसी भी दल से टिकट पाने की कोशिश मे लग जाते हैं।

       सभी दल पूरे दम-खम के साथ खम ठोंक रहे हैं।लोकतंत्र मंदिर के पुजारी यानि मतदाता पाँच वर्ष में एक बार होनें वाली पूजा में आहुति डालनें को तैयार हैं।भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव में सारी दुनिया की निगाहें टिकी रहती हैं…