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मिशन " शक्ति " को नमन

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आदरणीय सम्पादक जी

                            सादर प्रणाम

        भारत रूस,अमेरिका, चीन के बाद चौथा देश यह उपलब्धि हासिल करने वाले देशों में शामिल हो गया है।इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए डी.आर.डी.ओ.के वैज्ञानिक अवशय ही बधाई के पात्र हैं।भारत एक उन्नत राष्ट्र बनता जा रहा है।    

       डी.आर.डी.ओ.नें 2007 से अनुमति मांग रहा था।पूर्ववर्ती सरकार की उपेक्षा पूर्ण रवैए के कारण ही भारत इस उपलब्धि से अब तक वंचित रहा था।वर्तमान सरकार ने धन और सहमति प्रदान करके राष्ट्र को उपकृत किया है।और इस असाधारण उपलब्धि को हासिल किया है।अब हम नभ,जल,थल,अंतरिक्ष हर जगह अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हैं।

      मिशन शक्ति किसी परमाणु परीक्षण से किसी भी मायने में किसी प्रकार कम नहीं है।इस उपलब्धि को देखते हुए अमेरिका भारत के साथ मिलकर मंगल मिशन और आगे के मिशनों में मिलकर काम करने का मन बनाया है।जो भारत के लिए गौरव का क्षण होगा।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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होलीगीत और लोकगीत "फाग"से बसंत पंचमी के बाद दसों दिशाएं गुंजायमान होने लगती हैं।प्रकृति नव पुष्पों और नई कोपलों नव पत्तों से धरा का नया श्रंगार करती है।पेंड़़-पौधे नये वस्त्र धारण करते हैं।         कभी होली गीत "फाग"बसंत पंचमी के बाद से हर गाँव गली मोहल्ला में फाग के आयोजन हुआ करते थे।घर-घर होली के बल्ले गोबर से उपलों की शक्ल में बनाए जाते थे।महीनों पहले से कचरी-पापड़ बनना शुरू हो जाते थे।फाग मण्डलियां शाम होते ही गायन प्रस्तुत करती थी।
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Global threat - Terrorism China's cooperation i वैश्विक खतरा - आतंकवाद चीन का प्रश्रय

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वैश्विक खतरा आतंकवाद को चीन का प्रश्रय
आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम


      भारत के दो दुश्मन चीन और पाकिस्तान भारत की छाती पर आखिर कब तक मूंग दलते रहेंगे।भारत नें संयुक्त राष्ट्र संघ से दो बार आतंकी मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करवाने के लिए प्रयास किए।लेकिन चीन की अड़ंगेबाजी के कारण चीन का प्रश्रयदोनों बार मुँह की खानी पड़ी।
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विश्व बिरादरी पाकिस्तान को साथ देने के लिए चीन पर कूटनीतिक दबाव बनाने में क्यों विफल हो जाता है?इसका सीधा और सटीक जवाब यही हो सकता है कि वह ( चीन)परोक्ष रूप से आतंकवाद का पोषण कर रहा है।
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U.P. पुलिस ,जब रक्षक से बनी भक्षक -

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 U.P. पुलिस ,जब रक्षक से बनी भक्षक     आदरणीय सम्पादक जी
                         सादर प्रणाम

        अंग्रेजी राज्य से ही रक्षक यानि पुलिस बल आतंक का पर्याय माने जाते रहे हैं।महात्मा गांधी जी भी इनके खौफ से नारा लगाया करते थे।----"पुलिस हमारी भाई है।इनसे नहीं लड़ाई है।"केवल चौकीदार के आने से ही गाँव में दरवाजे बन्द हो जाया करते थे।ऐसा पुलिसिया आतंक अंग्रेजी राज्य में व्याप्त था।

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                ई बर्रइन के छत्ता से।"         अभी तक केवल पैसा लेकर सच को झूठ और झूठ को सच बनाने में ही माहिर समझे जाते थे।पर अब लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड की आंच ठण्डी भी नहीं हो पाई थी कि गोशाईगंज लखनऊ पुलिस द्वारा डकैती डालने का प्रकरण समाचा…