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विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त भारतीय सेनाएं और अर्ध सैनिक बल

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आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम।

        भारतीय सेनाओं और अर्धसैनिक बलों को विश्व स्तरीय उच्च प्रशिक्षण दिया जाता है।कठिन ट्रेनिंग के दौर से गुजरना पड़ता है।विश्व के अन्य देशों की सेनाओं के अफसरों को भी भारत में प्रशिक्षित किया जाता है।हमारी सेनाओं को प्रशिक्षण के दृष्टिकोण से विश्व स्तरीय रैंकिंग भी प्राप्त है।हमारी सेनाओं की क्षमताओं और कार्यकुशलता का लोहा पूरे विश्व में माना जाता है।भारतीय सेनाओं को आधुनिक तकनीक और स्वचालित असलहों से लैश किया जा रहा है।विषम परिस्थितियों में भी कार्य करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।दुरूह मौसम से भी सामंजस्य बिठाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

        भारत पाकिस्तान और चीन प्रायोजित आतंकवाद से विगत कई दशकों से पीड़ित है।पाकिस्तान में जान देकर भी भारत का नुकसान पहुंचाने वाले जेहादियों की कोई कमी नहीं है।और चीन में असलहा गोला बारूद की कोई कमी नहीं है।चीनी राइफल्स ए.के.47,ए.के.56 का बड़ा खरीददार पाकिस्तान अन्य मदों का धन भी भारत की बर्बादी हेतु असलहा,गोला,बारूद जेहादियों हेतु खरीदता ही रहता है।जेहादियों को सैन्य प्रशिक्षण पाकिस्तान में दिया जाता है।जेहादियों का प्रशिक्षण भारत की सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के मुकाबले निम्न स्तर का है फिर भी मुठभेड़ों में 4 जेहादियों को मारने के लिए14 सैनिक या अर्धसैनिक बलों के जवान शहीद हो जाते हैं।अन्तर केवल इतना है कि उनके पास ए.के.47 ,ए.के.56 सरीखे स्वचालित राइफलें हैं।और वह जान देने के लिए युद्ध करते हैं।जबकि सेनाएं और अर्धसैनिक बलों के जवान उनको मारने तथा आम जनता को कम से कम नुकसान पहुंचाने के लिए युद्ध करते हैं।

       कारण जो भी हो देश के नागरिकों को 4 आतंकवादियों के बदले 14 जवानों के मरने पर दुःख और ग्लानि की अनुभूति होती है।देशवासियों की इस पीड़ा पर गौर करते हुए सेना और सरकार को कम से कम नुकसान की नीति पर आपरेशनों के संचालन का जिम्मा लेना ही होगा।

        "नेशनल वार मेमोरियल"जो कि आजादी के बाद लगभग 25000 जवानों की मौत या स्थाई रूप से घायलों की याद अक्षुण्य और ताजा बनाए रखने के उद्देश्य से बनाया गया है।शहीदों की इतनी बड़ी तादात बताती है कि पाकिस्तान और चीन के कारण ही यह नुकसान हुआ है।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम


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