Skip to main content

देश की तरक्की मे युवाओं का योगदान

helpsir.blogspot.com

आदरणीय सम्पादक जी

                                सादर प्रणाम।

किसी भी देश के चहुमुखी विकास में उस देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।राष्ट्र की उन्नति की गाड़ी में युवा पहियों की भूमिका में होते हैं।देश तोप,तलवार, असलहा,बारूद,मिसाइल, टैन्कों से मजबूत और ताकतवर नहीं होता है।बल्कि उस देश के नौजवान और युवा कितने मजबूत और ताकतवर हैं देश की मजबूती इस बात पर निर्भर होती है।

इस समय पूरी दुनिया में भारत युवाओं के प्रतिशत में सम्भवतः सबसे आगे है।भारत में इस समय युवाओं का प्रतिशत 65% है।इस समय 65 % युवाओं वाला देश भारत दुनिया का अग्रणी देश है।चीन में बूढ़ों की संख्या सबसे ज्यादा है।जहाँ युवाओं का प्रतिशत केवल 31 %है।वहाँ की राष्ट्रीय राजनीति सबसे ज्यादा इसी बात से चिंतित है।वहाँ जनसंख्या पालिसी में इसी चिंता के कारण बदलाव किया गया है।एक की जगह दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी गई है।तीसरे बच्चे का जन्म भी 6 लाख जुर्माने के साथ पैदा करने की अनुमति है।इसके सापेक्ष भारत में युवाओं का प्रतिशत 65% है। भारत में के युवाओं और प्रत्येक भारतीय में देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम कूट-कूट कर भरा है।पुलवामा हमले के बाद देश में गुस्सा, आक्रोश चरम पर है।पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर चल रही है।

कभी भारत में उपन्यासों के नशे के स्तर तक प्रयोग होता था।बाकायदा सामाजिक संगठनों और सरकारी मुहिम चलाई गई।युवाओं के हाथ से मोटी-मोटी नावेल हटी और स्थिति में सुधार हुआ।इसी तरह के स समय भारतीय युवा इस समय सोशल मीडिया की गिरफ्त में है।90 % युवा सोशल मीडिया के मकड़जाल में उलझा हुआ है।यूवाओं को सोशल मीडिया के चंगुल से निकालकर देश निर्माण के कार्यों की ओर रुख मोड़ने की जरूरत है।अगर यह 65 %युवा आबादी राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लग जाए तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत पुनः सोने की चिड़िया बन सकता है।जरूरत केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने की है।नशे और नशे सरीखे सोशल मीडिया के उपयोग में डूबे युवाओं को उबारने की है।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

Comments

Popular posts from this blog

Holi colors with hubbub ;- होली के रंग, हुड़दंग के संग

helpsir.blogspot.com. Holi colors with hubbub ;- होली के रंग, हुड़दंग के संग आदरणीय सम्पादक जी
                           सादर प्रणाम ऋतुराज बसंत के आगमन के साथ ही होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।बसंत पंचमी के दिन ही गाँव के माली द्वारा होली का ढाह गाड़ दिया जाता है।जो भक्त प्रहलाद के प्रतीक स्वरूप गाड़ा जाता है।लोकगीत --"गड़िगा बसंता का ढ़ाहु बिना होली खेले न जाबै।"काफी प्रचलित लोकगीत है।
होलीगीत और लोकगीत "फाग"से बसंत पंचमी के बाद दसों दिशाएं गुंजायमान होने लगती हैं।प्रकृति नव पुष्पों और नई कोपलों नव पत्तों से धरा का नया श्रंगार करती है।पेंड़़-पौधे नये वस्त्र धारण करते हैं।         कभी होली गीत "फाग"बसंत पंचमी के बाद से हर गाँव गली मोहल्ला में फाग के आयोजन हुआ करते थे।घर-घर होली के बल्ले गोबर से उपलों की शक्ल में बनाए जाते थे।महीनों पहले से कचरी-पापड़ बनना शुरू हो जाते थे।फाग मण्डलियां शाम होते ही गायन प्रस्तुत करती थी।
 हर्सोल्लास का त्योहार  बड़े हर्षोल्लास से उमंग से लोग होली के हुड़दंग में शामिल होते थे।आपसी बैर भाव मिटाकर होली मिलते थे।पर आज मंहगाई तथा आप…

Global threat - Terrorism China's cooperation i वैश्विक खतरा - आतंकवाद चीन का प्रश्रय

helpsir.blogspot.com
वैश्विक खतरा आतंकवाद को चीन का प्रश्रय
आदरणीय सम्पादक जी
                             सादर प्रणाम


      भारत के दो दुश्मन चीन और पाकिस्तान भारत की छाती पर आखिर कब तक मूंग दलते रहेंगे।भारत नें संयुक्त राष्ट्र संघ से दो बार आतंकी मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करवाने के लिए प्रयास किए।लेकिन चीन की अड़ंगेबाजी के कारण चीन का प्रश्रयदोनों बार मुँह की खानी पड़ी।
      किन्तु जब इस बार भारत के अविचल प्रयासों से फ्रांस, अमेरिका, इंंग्लैण्ड के संयुक्त प्रयास किया,तो उन्हें भी चीन की ही अड़ंगेबाजी के कारण मुँह की खानी पड़ी है।
       आखिर चीन क्यों बार-बार आतंकियों को बचाता है। ऐसा करके वहविश्व पटलपर क्या संदेश देना चाहता है।

विश्व बिरादरी पाकिस्तान को साथ देने के लिए चीन पर कूटनीतिक दबाव बनाने में क्यों विफल हो जाता है?इसका सीधा और सटीक जवाब यही हो सकता है कि वह ( चीन)परोक्ष रूप से आतंकवाद का पोषण कर रहा है।
      यही कारण है कि अमेरिका, इंंग्लैण्ड, फ्रांस जैसे शक्तिशाली देश अपने आतंकवाद के उन्मूलन के प्रयासों मे विफल हो जाते हैं। वास्तविकता के धरातल पर यह की चीन की…

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश मे चुनाव एक पर्व ;

helpsir.blogspot.com दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश मेचुनाव एक पर्व  आदरणीय सम्पादक जी 
                           सादर प्रणाम         दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में चुनाव पर्व की घोषणा कल दि०10-03-2019 को चुनाव पर्व की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो चुकी है।चुनावी बिगुल बज चुका है।राजनीतिक दलएन.डी.ए.तथा यू.पी.ए. रूपी पाण्डव और कौरव सेना में शामिल होकर चुनावी महाभारत फतेह करनें के इरादे से 2019 लोकसभा रूपी कुरूक्षेत्र में कूद पड़े हैं। 29 मई को मतगणना में सभी दलों के प्रदर्शन का परिणाम घोषित हो जाएगा।         अगर वास्तविक चुनावीपरिवेशपर समीक्षात्मक नजर ड़ाली जाय,तो राजनीति मे कोई किसी का न तो स्थाई मित्र होता है न ही स्थाई दुश्मन। एक दूसरे के प्रतिद्वंदी  भी स्वार्थ के वशीभूत होकर केवल जीत के लिये किसी भी दल से टिकट पाने की कोशिश मे लग जाते हैं।

       सभी दल पूरे दम-खम के साथ खम ठोंक रहे हैं।लोकतंत्र मंदिर के पुजारी यानि मतदाता पाँच वर्ष में एक बार होनें वाली पूजा में आहुति डालनें को तैयार हैं।भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव में सारी दुनिया की निगाहें टिकी रहती हैं…