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ऋतुराज बसंत और दिव्य, भव्य कुम्भ प्रयागराज



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आदरणीय सम्पादक जी सादर प्रणाम।
आज दि० 10-02-2019 को ऋतुराज बसंत है।इस दिन विद्या और ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की जयन्ती होती है।माता सरस्वती जी को पीला और सफेद रंग बहुत ज्यादा पसंद है।अतः इस दिन महिलाएं पीले और सफेद फूलों से पीले वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना करती हैं।बसंत पंचमी के दिन मदनोत्सव और पतंगोत्सव भी मनाया जाता है।इस दिन गुजरात, लखनऊ और अन्य शहरों में महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर पतंगबाजी का आनन्द उठाती हैं।

4-5 वर्ष के बच्चों को आज के ही दिन से विद्या रम्भ करवाई जाती है।विद्या और सार देने वाली देवी को माँ शारदे भी कहा जाता है।देवी शारदा का आदि मंदिर एम.पी.में सतना के पास मैहर में है।बसंत पंचमी को होली सिरीज का प्रथम पर्व माना जाता है।इसी दिन होली का ढ़ाव(प्रहलाद का प्रतीक स्वरूप)गाड़ा जाता है।और इस ऋतुराज में बसंती हवा का प्रवाह बढ़ जाता है।वृक्ष भी नये परिधान धारण कर प्रकृति का स्वागत  करते हैं।जड़-चेतन सबमें कामदेव का अदृश्य संचार होता है।
कुम्भ प्रयागराज 2019 का इस दिन तीसरा और आखिरी शाही स्नान होता है।पहले शाही स्नान मकर संक्रांति पर लगभग सवा दो करोड़ लोगों ने कुम्भ स्नान किया था।दूसरे शाही स्नान मौनी अमावस्या पर शासन के अनुमान लगभग तीन करोड़ के सापेक्ष लगभग पाँच करोड़ लोगों ने पवित्र स्नान किया था।बसंत पंचमी पर भी लगभग तीन करोड़ लोगों के पवित्र स्नान का अनुमान लगाया गया है।दिव्य-भव्य कुम्भ का यह आखिरी शाही स्नान है। 4 मार्च 2019 को दिव्य-भव्य कुम्भ प्रयागराज तथा कल्पवास समाप्त हो रहा है।
इस बार के कुम्भ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए उ.प्र. की योगी सरकार की चहुँओर भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।वास्तव में योगी सरकार कुम्भ के दिव्य-भव्य,स्वच्छ कुम्भ बनाने के लिए अवश्य ही बधाई की हकदार है।
प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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