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" स्टैच्यू आफ यूनिटी " दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति



आदरणीय सम्पादक जी सादर प्रणाम।
कभी दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति अमेरिका के "स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी"को दर्जा प्राप्त था।अब दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति गुजरात, भारत के नाम दर्ज हो गई है।इसका नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी"दिया गया है।इसकी ऊंचाई182 मीटर है।इसके लिए नरेन्द्र मोदी सरकार अवश्य ही बधाई की पात्र है।जिसने भारत के नाम एक विश्व कीर्तिमान दर्ज कराया है।
समाचार पत्रों में इसके प्रचार-प्रसार के लिए 2.6 करोड़ खर्च होने का समाचार छपा था जिसे एक आर.टी.आई ऐक्टिविस्ट के जबाब में सम्बन्धित मंत्रालय ने उत्तर में बताया था।सरकार की यह फिजूलखर्ची नहीं तो क्या है?मूर्ति के आसपास मलिन और गरीब होने का समाचार भी मुद्रित था।यदि यहीं रकम उन गरीब बस्ती का कायाकल्प किया जा सकता था।इससे सरकार की कीर्ति और बढ़ती।देशवासियों के खून-पसीने से कमाई रकम जो टैक्सों के रूप में सरकारी खजाने में जमा की जाती है।यदि इसी रकम से उन आसपास के गरीब लोगों की रोटी का प्रबंध, उनके बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करके उनकी गरीबी दूर की जा सकती थी।जिससे उस रकम के उपार्जन करने वालों को तथा मोदी  सरकार को पुण्य लाभ,यश लाभ भी प्राप्त होता।वह आर.टी.आई कार्य कर्ता भी बधाई का पात्र है।जिसने सरकार की फिजूलखर्ची उजागर किया।अगर सरकार नेक और अच्छे कार्यों से जनता का दिल जीते तो सरकार की यशोगाथा, (कीर्ति )स्वयमेव फैलती जायेगी।जनता बार-बार विजयश्री दिला कर जनप्रिय सरकार चुनेगी।सुयोग्य सरकार बनकर ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सच्चे अर्थों में सिद्धांतों का अनुकरण  करके लौह पुरुष के आदर्शों पर चलकर ही सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकती है।
प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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