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सरहद के पहरेदार



आदरणीय सम्पादक जी सादर प्रणाम।

"उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता।जिस मुल्क की सरहद की निंगहबान हैं आँखें।

इस भयंकर शीत लहर में बर्फ और बर्फानी हवाओं के थपेड़ों को सह कर रात-दिन जाग-जाग कर सीमा की रक्षा करनें वाले माँ भारती के लालों के कारण ही हम रात भर सुख चैन की नींद सोते हैं।धन्य हैं जल,थल,वायु सेना के माँ भारती के लाल।जिनका एकमात्र लक्ष्य माँ भारती की रक्षा करना।जाड़ा,गर्मी, बरसात मौसम कोई भी क्यों न हो?खुद मौत की नींद सोकर भी माँ भारती की रक्षा करनें का दायित्व निभाते हैं।यह सभी तीनों सेनाओं के माँ भारती के लाल किसी के बेटे तो किसी के भाई तो किसी का सुहाग होते हैं।इनकी शहादत पर खुद माँ भारती रोती हैं।पाकिस्तान ऐन-केन-प्रकारेण कश्मीर को हड़पने का ख्वाब देखता ही रहता है।रोज इसी कड़ी में सीज फायर का उल्लंघन करता ही रहता है।उसका एकमात्र सपना भारत की बर्बादी है।भारत का दुश्मन नं.एक चीन,दुश्मन नं.दो पाकिस्तान दोनों दुश्मन एक साथ मिलकर एक साथ कदम से कदम मिलाकर कदम ताल कर रहे हैं।दोनों का एकमात्र लक्ष्य भारत की बर्बादी ही है।मगर इन देश के सच्चे सपूतों यानि जल,थल,वायु सेना के कारण ही अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।यहीं देश के सच्चे सपूत इन दोनों दुश्मनों के हर वार का मुँहतोड़ जबाब देकर इन दोनों दुश्मनों के हर चाल,हर हमले को नाकाम बना देते हैं।धन्य हैं माँ भारती के लाल।इन्हीं माँ भारती के लालों के कारण पूरा देश महफूज है।दुश्मन चाहे बाहरी शक्ति हो या अन्दरूनी हर दुश्मन को मुँहतोड़ जबाब देने की महारथ इन लालों में हैं। इनके रहते देश की सरहदें पूरी तरह सुरक्षित हैं।इन माँ भारती के लालों को शत-शत प्रणाम।

प्रमोद कुमार दीक्षित, सेहगों, रायबरेली।

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